मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बीच बहुप्रतीक्षित राजनीतिक गठबंधन की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। बीईएसटी क्रेडिट सोसायटी के चुनाव में दोनों नेताओं के गठबंधन ने ‘उत्कर्ष पैनल’ के तहत 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन उन्हें एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई।
इस चुनाव में बीईएसटी वर्कर्स यूनियन के नेता शशांक राव के पैनल ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 21 में से 14 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं भाजपा समर्थित पैनल ने भी 7 सीटें जीतकर अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई।
चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा, “दो शून्यों का जोड़, शून्य ही होता है।” दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस हार को स्थानीय चुनाव का मुद्दा बताकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
इस चुनाव को इसलिए भी अहम माना जा रहा था क्योंकि दशकों पुरानी राजनीतिक खटास को भुलाकर पहली बार उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे ने मिलकर चुनाव लड़ा था। गठबंधन ने 18 उम्मीदवार शिवसेना (यूबीटी) से, 2 मनसे से और 1 एक संबद्ध संगठन से उतारे थे, लेकिन परिणाम पूरी तरह उनके खिलाफ गया।